घर चलाना हो रहा था मुश्किल, अब बनी स्वावलंबी

घर चलाना हो रहा था मुश्किल, अब बनी स्वावलंबी

  • अलवर में स्वयं सहायता समूह के प्रयास रंग लाए
  • ज्वैलरी, जूट के बैग, आचार और राष्ट्रीय तिरंगे बना रही महिलाएं
    अलवर.
    नेक कमाई फाउंडेशन की ओर से किए गए प्रयासों से अलवर के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सफलता के पंख लग रहे हैं। अब इनकी पहचान स्वावलंबी महिलाओं के रूप में होने लगी हैं।
    अलवर शहर में बिंदू कपूर के निर्देशन में महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह बनाया जिनमें 400 महिलाएं कुछ सकारात्मक कर आगे बढऩा चाहती थी। इन महिलाओं ने नगर निगम के सहयोग से बहुत से कार्यों का प्रशिक्षण लिया और स्वयं ही उद्यमी बन गई।
    अब ये महिलाएं जूट का सामान, ज्वैलरी, शो पीस, आचार, मुरबबे, पापड़ सहित काफी सामान बनाने लगी हैं। ये सामान गुणवता की दृष्टि से किसी ब्रांडेड कंपनी से कम नहीं होता है।
    नेक कमाई फाउंडेशन के संरक्षक दौलत राम हजरती स्वयं उद्योग विभाग के अधिकारी रहे हैं जिन्हें महिलाओं का स्वयं सहायता समूह चलाने का लंबा अनुभव है। ऐसे में ये इन समूहों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलबध कराने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं जिनमें उन्हें सफलता भी मिली हैं। इन महिलाओं के उत्पादों को दिल्ली के होटल रेडिशन में आयोजित महिला सशकितकरण अवार्ड समारोह में प्रदर्शित किया गया जिसे देश के पहली महिला आईपीएस किरण बेदी ने भी सराहा।
    इस साल ये महिलाएं राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी बना रही हैं। जिला प्रशासन ने इन महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए मिनी सचिवालय में काउंटर प्रदान किया है।
    इस समूह के बारे में बिंदू कपूर बताती हैं कि अलवर में जरूरतमंद परिवारों की महिलाएं अपने दम पर समाज व देश के लिए बेहतर करना चाहती हैं लेकिन इस डगर में उन्हें मार्गदर्शक नहीं मिलते हैं। उनके उत्पाद की गुणवता कम नहीं है लेकिन उनको बाजार मिलता कम मुश्किल नहीं है। अलवर की यह महिलाएं एक दिन जरूर कामयाब होंगी जिसके लिए समाज का साथ आवश्यक है।
    सफाई अभियान को भी संभाला-जिला कलेकटर आर्तिका शुकला ने अलवर में नवाचार कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सफाई अभियान की देखरेख से जोड़ा जिसे इन महिलाओं ने बेखूबी निभाया।
    अब आगे बढऩे की चाहत-
    नेक कमाई फाउंडेशन, जिला प्रशासन और नगर निगम के साथ मिलकर ये महिलाएं अब अलवर में और महिलाओं को प्रशिक्षित करना चाहती हैं। नेक कमाई की ओर से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बयूटी पार्लर ओर सिलाई का निशुल्क प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रही हैं। आगामी दिनों में इनकी स्टॉल अलवर के मुखय चौराहे पर भी लगाई जाएगी। इनके जूट के बैग अलवर के प्रसिद्ध कलाकंद की पेकिंग सहित मानस ब्रांड की छोटी सरसों तेल की गिफट पैकिंग में दिखाई काम आते नजर आएंगे। ये गिफट पेकिंग के सामान दिल्ली से सस्ते बाजार में हाथ के बने हुए उपलबध करा रही हैं।

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